Tuesday, May 26, 2009

अंट-शंट

मैं एक दिन ब्लॉग लिखने बैठा...सिस्टम के सामने बैठने से पहले मेरे दिमाग़ में बहुत सारे विषय थे लेकिन बैठते ही नाजाने सारे विषय कहां चले गए...तभी एकाएक मैने सोचा की सभी ब्लॉगर कुछ ना कुछ लिखते रहते हैं...और उनके विषय भी रोचक होते हैं...लेकिन ये तो ज्यादातर अंट-शंट ही होते हैं...जैसे की...क्या हनुमान जी के और भी पांच भाई थे...हाथ पीले हो गए...चेंजिंग रूम...(मैं किसी भी ब्लॉगर की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता हूं...अगर मुझसे किसी तरह की गलती हो गई हो तो मुझे माफ करें...)। ये भी क्या कोई विषय हैं...अरे कुछ ऐसा लिखो जिसे पढ़कर किसीको किसी तरह की मदद मिले...अंट-शंट लिखने लग जाते हैं...लोग-बाग...ये तो मात्र बक***यां हैं...अगर यही करना है तो अपने दोस्तों के साथ महफिल जमाओ...और जितनी मर्ज़ी बक*** करनी है करो...इसी को देखते हुए मैंने भी सोचा की कुछ अंट-शंट ही लिख लिया जाए...तो लीजिए हम ने लिख डाला अंट-शंट...

Friday, May 22, 2009

डा.मनमोहन सिंह और 19 मंत्रियों ने ली शपथ...

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र अठाहरवें...के सत्रहवें प्रधानमंत्री के रूप में...डा.मनमोहन सिंह ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह शपथ ली...और मंत्रिमंडल को लेकर चल रही माथापच्ची के बाद...मंत्रीमंडल में शामिल होने वाले 19 मंत्रियों ने भी शपथ...ली...जिनमें 3 महिलाएं भी थीं...इन सभी के नाम यूपीए प्रमुख...सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री ने पाइनल किए थे...प्रधानमंत्री के इस नए मंत्रिमंडल में पी. चिदंबरम...प्रणव मुखर्जी...ए. के. ऐंटनी...शरद पवार...कपिल सिब्बल...आनंद शर्मा...सी. पी. जोशी...एस.एम.कृष्णा...गुलाम नबी आजाद...बी. के. हांडिक...मुरली देवड़ा...वीरप्पा मोइली...ममता बनर्जी...सुसील कुमार शिंदे...जयपाल रेड्डी...मीरा कुमार...अंबिका सोनी...वायलार रवि और कमलनाथ शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक आज जिन मंत्रियों ने शपथ ली उनको यूपीए चेअरपर्सन सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फोन कर सूचित किया था। बहरहाल ये शपथ ग्रहण समारोह...संपन्न हो गया...लेकिन जो रस्साकसी मंत्रिमंडल को लेकर चल रही है...अब वो और तेज़ हो सकती है...ऐसा माना भी जा रहा की जिन लोगों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई उन्हें मंगलवार को शपथ दिलाई जाएगी। मंगलवार को जयराम रमेश, सलमान खुर्शीद, जतिन प्रसाद और ज्योतिरादित्य सिंधिया शपथ लेने वालों में शामिल हो सकते हैं...

Saturday, January 17, 2009

पाकिस्तान की फितरत, इंकार करने की फितरत

भारत ने पाकिस्तान को जो सबूत सौंपे है...और जिन्हें पाकिस्तान सिर्फ जानकारी या सूचना मात्र ही मान रहा है...वो हैं...

पहला सबूत
अजमल आमिर कसाब का कबूलनामा।

दूसरा सबूत
ताज होटल और नरीमन हाउस में हमला कर रहे आतंकवादियों की पाक या पीओके में बैठे अपने आकाओं से सैटलाइट फोन के जरिए हुई बातचीत की कॉल डिटेल।

तीसरा सबूत
हालाकिं आकाओं की पहचान पुख्ता नहीं है, लेकिन आशंका कि ये मुजम्मिल, अबू काफा, जरार शाह या लखवी हो सकते हैं। बातचीत की वॉइस मैपिंग भी की गई है।

चौथा सबूत
सैटलाइट फोन के वो सभी नंबर जिनसे भारत से बहार कॉल हुई और जिन पर कॉल रिसीव की गई। इन नंबरों से इनकी लोकेशन का पता लगाना काफी आसान हुआ।

पांचवां सबूत
आतंकवादियों के आका अफगानिस्तान के क्वेटा और जलालाबाद के अलावा, दुबई और अबू धाबी गए। मुजफ्फराबाद और कराची से इनका मूवमेंट भी दर्ज हैं।

छठा सबूत़
गिलगिट में आईएसआई के एक टॉप जनरल और स्टाफ ऑफिसर के बीच 26/11 के अटैक के बारे में हुई बातचीत का रिकॉर्ड।

सातवां सबूत
कराची से मुंबई आने के लिए हाइजैक किए गए फिशिंग ट्रॉलर एमवी कुबेर से मिली लॉग बुक।

आठवां सबूत
ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस सेट जिसके ज़रिए आतंकी मुंबई पहुंचने में कामयाब हुए।

नौवां सबूत
पाक निर्मित नाइन एमएम की पिस्तौलें जो की पेशावर की डायमंड नेवी फ्रंटियर आर्म्स कम्पनी...में बनाई गई हैं।

दसवां सबूत
ऑस्ट्रिया की जिस कम्पनी में घटना को अंजाम देने वाले हथगोले बने हैं उसकी फ्रेंचाइज़ी पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित एक ऑर्डेनेंस फैक्ट्री के पास है।

लेकिन पाक के लिए ये सबूत उसकी हरकतों,मुबई हमलों में उसके हाथ ही नही गले तक धंसे होने के सबूत नही सिर्फ सूचनाऐं हैं ।

कश्मीर बना आरामगाह

कश्मीर...या फिर यूं कहें धरती का स्वर्ग...लेकिन इस स्वर्ग को पिछले कई सालों से आतंकियों की गोलियों से तार-तार होना पड़ रहा है...लेकिन कश्मीर की तस्वीर का एक और पहलू है और वो बड़ा ही सुखद है। मनोहारी कश्मीर की जिन पर्वत श्रृंखलाओं में आतंकियों ने पनाह तलाशी, उन्हीं में तेजी से गायब हो रहे स्नो लेपर्ड यानी हिम तेंदुए को भी सुरक्षित ठिकाने मिले। यही वजह है कि यह खूबसूरत प्राणी जम्मू-कश्मीर में कहीं ज्यादा चैन से रह रहे है। भारत सरकार भी अब प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड शुरू करने जा रही है, जिससे इनकी संख्या और बढ़ने की उम्मीद जगी है। जम्मू-कश्मीर के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन एके श्रीवास्तव के मुताबिक- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्ताराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड को स्वीकृति मिली है और अब हाथी और टाइगर प्रोजेक्ट की ही तरह प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड भी शुरू होगा। उन्हें भरोसा है कि सरकारी संसाधन जुटने के बाद कश्मीर की बर्फ से ढकी चोटियां हिम तेंदुए को और भी बेहतर माहौल दे सकेंगी। वो कहते हैं कि इन इलाकों में अगर यह जानवर कुछ दिख रहा है, तो इसका श्रेय स्थानीय लोगों को है, जिनकी कोशिशों से इन्हें बेहतर पनाह मिली है।

Friday, January 2, 2009

ख़ुशियां बदली मातम में...

दुनिया भर में नए साल का स्वागत किया जै रहा था...भारत में भी 2009 का स्वागत बड़ी ही गर्मजोशी के साथ किया गया...भारत के एक पूर्वोत्तर राज्य असम में भी लोग नए साल के आगमन में लगे हुए थे...लेकिन उनकी खुशियां किसी से देखी नहीं...गईं जी हां..असम में आतंकवादियों ने एक के बाद एक तीन सिलसिलेवार बम धमाके कर राजधानी गुवाहाटी को दहला कर रख दिया...इस आतंकी घटना में नौं लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी...50 से ज्यादा लोग घायल हो गए...इस आतंकी घटना में उल्फा का हाथ होने की बात पुलिस ने पूरी तरह से स्वीकार ली है...।

Sunday, December 14, 2008

एयर कार बचाएगी तेल का खर्च

जहां आज दुनिया मंदी के दौर से गुज़र रही है.....जिसके कहर से कोई भी देश बच नहीं पाया है......इस कहर का सीधा असर आम आदमी पर भी पड़ा है.....और ऊपर से पैट्रोल डीज़ल की आसमान छूती कीमतों ने तो आम आदमी की बस कमर ही तोड़ रखी है......कुछ समय पहले तक कार निर्माता कंपनियां तेल को कभी न कम होने वाले रिसोर्स के तौर पर देखती थीं........लेकिन बढ़ती तेल कीमतों और लगातार कम होते भंडार ने उन्हें दोबारा सोचने को मजबूर कर दिया है.....ऐसे में अब जोर इस बात पर है कि लोग ईंधन के ऐसे वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करें......जो उनके खर्च को कम से कम रख सकें.....आज के दौर में सीएनजी को.......पेट्रोल और डीजल के सबसे लोकप्रिय विकल्प के रूप में अपनाया जा रहा है...........इस ईंधन का खर्च तो कम है ही, साथ ही इसे आसानी से हासिल भी किया जा सकता है। 19 रुपए प्रति किलो की दर पर मिलने वाली सीएनजी से गाड़ी चलाने का खर्च एक रुपए प्रति किमी के करीब आता है, जबकि पेट्रोल से गाड़ी चलाने पर आपको प्रति किमी साढ़े तीन रुपए खर्च करने पड़ते हैं....पेट्रोल और डीजल के मुकाबले एलपीजी भी काफी सस्ती है, लेकिन सीएनजी से सस्ती नहीं........दिल्ली में एलपीजी की कीमत है करीब 36 रुपए प्रति लीटर........इससे माइलेज तो पेट्रोल के बराबर ही मिलता है, लेकिन इसकी कम कीमत रनिंग कॉस्ट को कम कर देती है......मारुति......वैगन आर और 800.........को एलपीजी के साथ बाज़ार में पेश कर चुकी है.......जबकि हिंदुस्तान मोटर्स की लांसर सीडिया और सीडान भी एलपीजी में आती है.....ह्यूंडाई / ह्यूंदै मोटर्स भी सैंट्रो और एक्सेंट को एलपीजी में लॉन्च करने वाली है.........वहीं एक तरफ है हाईड्रोजन जिसे भविष्य का ईंधन माना जा रहा है। इसे साफ-सुथरा ईंधन भी कहा जाता है क्योंकि इससे हानिकारक पदार्थों का उत्सर्जन नहीं होता है.........इसके साथ दिक्कत यह है कि इसकी स्टोरेज एक खास तापमान पर ही होती है और इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का खर्च भी बहुत ज्यादा आता है। द सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स..............हाइड्रोजन के सीएनजी ब्लेंड को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं........अब बात एयर पावर की.........टाटा मोटर्स की कोशिशें कामयाब रहीं....तो जल्दी ही एयर पावर की मदद से लोग गाड़ियां चलाने में कामयाब हो पाएंगे। टाटा मोटर्स ने एक फ्रेंच कंपनी से ऐसी तकनीक हासिल की है...जिसमें कंप्रेस्ड एयर की मदद से वाहन चलाए जा सकते हैं और उनसे पौल्यूशन भी नहीं होता.........अगर यह तकनीक कामयाब हो गई तो इसकी मदद से एक कार को 100 किमी चलाने का खर्च 67 रुपए आएगा। एक खास बात और ये है की एयर पावर से चलने वाली कारों की रीफिलिंग भी नॉर्मल फिलिंग स्टेशन पर ही होगी और सौ रुपए के ईंधन में आप कार को 200 किमी तक चलाने में कामयाब हो जाएंगे। टाटा मोटर्स की योजना इस तकनीक को इंडिका कार के साथ लॉन्च करने की है। एयर पावर को भी टक्कर देने वाले कई सारे ईंधन के रूप जल्द ही बाज़ार में उपलब्ध होने वाले जिनकी सहायता से इस मंदी के दौर में आम आदमी कार में चलने के बारे में सोच सकता है......।

टाटा की नई पेशकश

टाटा ने अपनी लखटकिया कार नैनो के आने से पहले ही उसके नाम से लोगों को इतना लुभा लिया....की हर कोई टाटा के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का मुरीद हो गया......नैनो तो अगले साल जुलाई तक बाज़ार में आने ही वाली है......इसके अलावा टाटा ने एक और प्रोजेक्ट पर काम शुरु कर दिया है जिसके तहत वो एक ऐसी कार बनाने जा रहे हैं....जो की पैट्रोल और डीज़ल से ना चलकर हवा से चलेगी....जी हां....आपने सही सुना ये कार हवा से ही चलेगी....और इस कार का नाम होगा टाटा सिटी केट.......इस कार को बनाने की शुरूआत होती है लक्समबर्ग से....लक्समबर्ग के मोटेर डवलपमेंट इंस्टिट्यूट मे इस कार का प्रोटोटाइप बनकर तैयार है....इस कार के अविष्कारक हैं पूर्व फार्मूला वन इंजीनियर गाय नेगर....गाय नेगर ने इस प्रदूषणरहित कार का प्रोटोटाइप बनाकर मोटर जगत में एक हलचल पैदा कर दी है...इस कार की डिजायन बनाने में लगभग 10 साल का समय लगा है....नेगर के मुताबिक एक बार शुरू होने के बाद यह कार 150 मील प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड सकती है और 200 किमी तक का सफर तय कर सकती है....हांलांकि यह कार हवा से चलती है, इसमे एयर पम्प की सहायता से हवा भरी जाती है, जो इसके फायबर से बने टेंक में कम्प्रेस्ड रूप मे इकट्ठी हो जाती है....हवा भरने में सिर्फ 2 मिनट का ही वक्त लगता है......कार के चलते ही ये हवा फैलती है और इंजिन में पिस्टन को धकेलती है जिससे उसे गति प्राप्त होती है....इसके अलावा यह इंजिन वातावरण मे मौजूद गर्मी को शोषित कर और ज्यादा ऊर्जा प्राप्त करता है.....कार का एयरकंडिश्निंग सिस्टम भी इसी हवा से चलता है......बहरहाल यह कार पूरी तरह से प्रदूषणरहित है जिसकी वजह से इसका मेंटेनेंस खर्च भी बहुत कम है.....एक अनुमान के मुताबिक ये कार 100 रूपये मे करीब 200 किलोमीटर तक चल सकती है.......एम.डी.आई. इंस्टीट्यूट ने अपने विस्तारण की योजना के अंतर्गत कई यूरोपीय और एशियन कम्पनियों के साथ करार किए हैं.......टाटा मोटर्स भी इनमें से एक प्रमुख साझेदार बना है. एम.डी.आई. के मुताबिक टाटा मोटर्स की भागीदारी से कम्पनी को तकनीकी सलाह मिलेगी और टाटा मोटर्स के अनुभव से इस प्रोजेक्ट को काफी मदद मिलेगी.....टाटा मोटर्स का दावा है कि इस कार को और बेहतर बनाने और इसको ज्यादा कार्यक्षम बनाने में अभी कम से कम दो साल का वक्त लगेगा.....अभी इसकी तकनीक में सुधार की काफी सम्भावना है.......इसके अलावा इस कार को हाइब्रिड रूप भी दिया जा रहा है जिससे यह कार हवा और ईंधन दोनों से चल सके.......अभी यह प्रोजेक्ट शुरूआती दौर मे है, लेकिन जल्द ही भारत की सडकों पर एक ऐसी कार दौडेगी जो हवा से चलेगी..........लेकिन तबतक आप और हम लखटकिया कार से संतुष्ट रह सकते हैं................।