Tuesday, November 3, 2009

बिगड़ैल ड्रैगन...एक और चाल

अपनी फितरत के मुताबिक....चीन ने एक बार फिर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश शुरु कर दी है.....इस बार उसका मुद्दा हैं......तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा.....चीन ने दलाई लामा की अरूणाचल प्रदेश यात्रा को एक अलगाववादी गतिविधि करार दे दिया है......और कहा....लामा चीन और भारत के संबंधों में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं......दरअसल तिब्बतियों के धर्मगुरू दलाई लामा...अगले हफ्ते 8 नवम्बर को अरुणाचल दौरा करने वाले हैं.....जिसके कई हिस्सों पर चीन बहुत पहले से अपना दावा करता रहा है.....चीनी सरकार इस यात्रा का विरोध पहले भी कर चुकी है.....चीन ने दलाई लामा के इस दौरे की बार-बार आलोचना भी की है......चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को दलाई लामा की गतिविधियों की निंदा की और कहा........दलाई लामा अक्सर झूठ बोलते हैं और अन्य देशों के साथ चीन के संबंधों को क्षति पहुंचाने की कोशिश में लगे रहते हैं.......वाह भई वाह......चीन को अगर कोई सच्चाई का आइना दिखा दे वो उसके बुरा हो जाता है.....जैसे दलाई लामा उसके लिए बुरे हैं......साथ ही उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा......मुझे पूरा भरोसा है कि भारत के साथ चीन के संबंधों को क्षति पहुंचाने की दलाई लामा की कोशिशें सफल नहीं हो पाएंगी.....अब आप ही बताइये ये विश्वास फिजूल नहीं तो और क्या है......अरे भैया आपने विश्वास तो जता दिया लेकिन ये विश्वास जताया किस पर है.....मुगालते में तो रहना मत की भारत इस मामले में कुछ करेगा.....वहीं चीन नाम के इस गिरगिट अपना दूसरा रंग भी इसी मुद्दे के साथ एक नया मुद्दा उठाते हुए दिखाया.....चीन ने कश्मीर के लोगों के अलग वीजा देने की नीति अपना रखी थी...जिसको देखते हुए भारत नें कई बार विरोध भी दर्ज कराया.....लेकिन नतीजा निकला सिफ़र.........भारत ने मित्र देशों के नागरिकों के लिये व्यापारिक वीजा पालिसी को काफी आसान कर रखा था...नतीजन देश में काम हासिल करने वाली चीनी कंपनियां अपने अधिकारियों को तो लेकर आय़ी हीं......अपने मजदूर भी लेकर भारत आने लगे.......यानि की चीन को बच्चा समझकर कंधे पर बैठाया तो उसने कान में ही **** दिया.....चीन की इस हरकत को देखते हुए भारत ने व्यापरिक वीजा के नियमों में बदलाव किया जिस पर चीन को फिर आपत्ति है........भारत ने इसके बाद से वीजा देने के लिए कुछ कड़े दिशानिर्देश भी जारी किए हैं....जो शायद चीन को रास नहीं आ रहे हैं.....इसके मद्देनजर चीन का कहना है की....भारत में चल रहे कई कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट उधूरे पड़े हैं......और हमे इसका अफसोस है....वाह भैई फिजूल का अफसोस भी जता दिया....अफसोस जताने के बाद चीन का कहना है......हम वीजा की इस परेशानी का जल्द ही कोई हल निकाल लेंगे.....क्योंकि भारत को हमारे तकनीशियनों की जरूरत जरूर पड़ेगी.....वाह भैई सब कुछ करने के बाद भी ये आशा लगाए बैठें ड्रैगन जनाब की भारत ही उनके सामने हाथ फैलाकर.....उनसे उनके तकनीशियनों की मांग करेगा.....कभी-कभी इंसान को गलतफ़हमी में भी जीना चाहिए और चीन उसी गलतफ़हमी में जी रहा है.....।

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